Tuesday, February 4, 2020

"देश बदला, अब दिल्ली बदलो" #BJP

कितना अजीब है कि हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जिस में नेतागीरि और उठाईगीरि में कोई  बड़ा फर्क नहीं बचा है  या आगे बढ़ने के लिए क्वालिफिकेशन मात्र हद दर्जा नफरत से भरा होना ही काफी है।

मोदी सरकार इकनॉमिक फ्रंट पर बिल्कुल नाकाम है। वो हमेशा की तरह फिर 'राम राम' करते करते 'रहीममन' के खिलाफ ज़हर का ज्वाला बन चुकी है। कोई उससे ये नहीं पूछता की टैक्स क्लेक्शन कम क्यों हुआ? लाखों करोड़ के टैक्स के पैसों का क्या हुआ? फूड सिक्योरिटी से करीब सत्तर हजार करोड़ कट क्यों किए गए? बजट 2020 में क्या कुछ है?

जिसने अपने प्रदेश में दीवाली से पहले 25 हज़ार होमगार्ड को नौकरी से निकाल दिया, बिजली विभाग को प्राइवेट कर दिया ये और बात कि सरकार ने खुद  ही सबसे ज़्यादा बिजली का बिल नहीं चुकाया और हजारों बिजली कर्मचारी सड़कों पर हैं. लेखपाल भी रोड माप रहे हैं. और हेल्थ की हालत ऐसी है कि भारत माता के हजारों सपूत दुनिया में आते ही मौत की आगोश में पहुंच जाते हैं और उसके माथे पर बल नहीं आता...वही दिल्ली चुनाव के लिए घटिया बिरयानी खा कर प्रचार कर रहा है. BJP अपने सर पर नौकरियों की सबसे बड़ी गठरी ले कर दूसरों से पूछती है कि नौकरियां कहां हैं?...तो ऐसे में "द से दिल्ली द से देश"... पढ़िए विकास सिंह का रैपचक पोस्ट। 
"देश बदला, अब दिल्ली बदलो" #BJP

*विकास सिंह

देश
1-रोज़गार खत्म.
2-शांति खत्म.
3-रेप कंट्री का टैग मिला.
3-एजुकेशनल इंस्टिट्यूट्स में स्टूडेंट्स सड़कों पर आए.
4-उद्योग-धंधे चौपट.
5-महंगाई बढ़ी.
6-आर्मी के नाम पर वोट मांगे, बेसिक नीड्स उन्हीं आर्मी को प्रोवाइड नहीं की गईं.
7-इन्वेस्टर्स इंडिया में इन्वेस्ट करने से डरे.
8- माइनॉरिटीज में डर.
दिल्ली
1-बिलजी-पानी बिल माफ.
2-पब्लिक हेल्थ पर काम .
3-एजुकेशन बजट बढ़ा, स्कूलों के लेवल में सुधार हुआ.
4-मिनिमम सैलरी बढ़ाई.
5-बसों में लेडीज़ के लिए फ्री हुआ सफर.
6-ऑड-ईवन किया ताकि पॉल्युशन लेवल डाउन हो.
7-ऑन ड्यूटी मरने वाले दिल्ली पुलिसकर्मियों को 1 करोड़ रुपये कंपनसेशन.
8- विडो पेंशन मिलने में आसानी.  
द से दिल्ली, द से देश
अंतर आप देख लीजिए, अगर सरस्वती जीभ पर न सही तो थोड़ी दिमाग मे लाइए और वहां भी न सही तो मोबाइल में सरस्वती की इमेज रख लीजिये ताकि आपका मोबाइल कुछ भी फ़ॉरवर्ड करने से पहले .2 नैनो सेकंड की बीप बजा दे.
अब मुद्दे की बात पर आता हूँ, मैंने मुद्दा कहा नीम का गुद्दा नहीं जहां कमल के फूल में निम्बोरी उगती है.
वर्ल्ड की सबसे बड़ी पार्टी BJP ने दिल्ली चुनाव में शिलाजीत पर आश्रित 200 सांसद ,दर्जनों मंत्री कैंपेन में उतारे हैं जिनका एक ही मक़सद है दिल्ली में HM कराना, न न न...आप गलत समझ रहे हैं HM मतलब होटल मैनेजमेंट नहीं बल्कि हिंदू-मुसलमान!!

दिल्ली की 70 सीटों पर ऐसी बंदरबांट मचाई है कि खुद गृहमंत्री अमित शाह गलियों में घूम रहे हैं. हैरानी तब हुई जब गलियों में दिखी भीड़ पर दावे कर रहे हैं कि लोग BJP के साथ हैं, शायद शाह भूल गए कि दिल्ली की गलियों में पचरंगा आचार चखने या श्रीदेवी के राम लड्डू वाले के डमरू पर उनकी भीड़ से ज्यादा लोग जमा हो जाते हैं.
शाहीनबाग़ बोलने वाले विन डीज़ल की खाला के बेटे योगी आदित्यनाथ का रोल Russell Viper (ज़हरीला सांप)  का है. योगी का बस चले तो दिल्ली की गर्मियों में रसना की जगह गौ मूत्र को, गौमुसना के नाम से पिलवाने की अपील करने लगे. इस अपील का भक्तों पर क्या असर हो, ये देखना दिलचस्प होगा.

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BJP के प्रधानमंत्री उफ़...सॉरी, देश के प्रधानमंत्री, वैसे वो इस वक़्त फुल टाइम कैंपेन में जुटे हैं इस वजह से मेरे मुंह से निकल गया. हालांकि मैं अपने शब्दों की कठोर राजनाथ यानी कि कड़ी निंदा करता हूँ. द्वारका की अपनी रैलियों में मोदी के दावों की हक़ीक़त, इसरो की उस उम्मीद की तरह है जो मानती है कि चन्द्रयान 2 से सिग्नल आएगा, और वो काम करना शुरू कर देगा.
BJP के देश से दिल्ली शिफ्ट होने और काम पर वोट की जगह धारा 370, सर्जिकल स्ट्राइक और शाहीनबाग का राग अलापने के मायने समझ लें तो मैं यकीन दिलाता हूं कि दिल्ली चुनाव के बाद, आप "कमल का फूल, मेरी भूल" कहना छोड़ देंगे. BJP किसी एक धर्म विशेष को खतरा होने की बात इसलिए करती है क्योंकि खतरे से खौफ और खौफ से सत्ता मिलती है क्योंकि यहां दर असल खौफ ही राज करता है.

*विकास सिंह वर्किंग जर्नलिस्ट हैं...तारीफ मुझे नहीं आपको करनी है, बताइए ! पोस्ट आपको कैसा लगा?
वैसे भी इत्र बेचते वक़्त खुशबू की तारीफ नहीं की जाती बल्कि खुशबू खुद ही बता देती है..

@MobeenJamei

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