क़ाफ़िले बसते गए हिन्दोस्ताँ बनता गया_फ़िराक़ गोरखपूरी
असम में NRC हुआ. वहां मुस्लिम से अधिक हिन्दू भाई NRC की ज़द में आ गए. बौखलाहट में भाजपा CAA2019 लेकर आयी और इस तरह से अल्पसंख्यकों के दिल में पिछले 6 वर्षों से मोदी जी ने जो जगह बनाई थी उसे अमित शाह जी ने आग के हवाले कर दिया.
आप ही सोचिये! आपने जो भी किया अल्पसंखयकों ने मान लिया मगर अब तो बात वजूद पर बन आयी है.
जैसा कि माननीय ग्रहमंत्री जी ने संसद में ज़ोर देकर कहा कि NRC को हम पुरे देश में लागु करेंगे हालाँकि अस प्रक्रिया में इतना पैसा लगेगा कि सोच कर ही दिमाग़ ख़राब हो जाता है. उसके बाद जो लोग पचास कि दहाई से लेकर अब तक के दस्तावेज़ नहीं दे पाएंगे उन्हें डिटेंशन कैम्प में रखा जायेगा. उनके अधिकार खत्म हो जायेगे. मुझे बताइये! ऐसे में इंसान क्या करेगा और क्यों जियेगा? और हमारे भारत में सरकारी कर्मचारी कैसे काम करते हैं ये सब को पता है.
इसके बाद फिर आप एनेमी प्रापर्टी बिल लाएंगे और तमाम जायदाद कस्टोडियन के तहत आ जाएगी.
आप से विनम्र निवेदन है कि इतनी भी नफरत मत कीजिये कि नफरत को भी आप से नफरत हो जाये.
आप बाबा साहब के द्वारा दिए गए वोट के अधिकार को छीन रहे हैं और उल्टा हमें ही समझा रहे हैं. आप एक बार अपने ही मुस्लिम नेता और कार्यकर्त्ता से बात करके देखिये जो कहीं मुंह नहीं दिखा पा रहा और बुझा बुझा सा है. किस क़दर निराश है.
आप के गुर्गे दरगाह, मदरसे और मुस्लिम ऑर्गनाइज़ेशन के हाथों से ये मामला कहीं आगे निकल चुका है. कृपया उन्हें अब कोई काम मत दीजियेगा वरना खाम खाह शिकवा करते फिरेंगे...
क्या मिला तुमको मेरे इश्क़ का चर्चा करके
खुद भी रुस्वा हुए आखिर मुझे रुस्वा करके
अपील
साथियों! ये लड़ाई हमें मरते दम तक लड़नी है. हमें संविधानं के लिए क़ुरबानी देनी ही होगी. जब तक संविधानं के धब्बे CAA2019 काले क़ानून को वापस नहीं लिया जाता.
जो आप को समझाने या समझने आये उसकी बात सुनकर कुछ मोटे मोटे सवाल कीजिए.
जो भी विरोध प्रदर्शन कीजिये गाँधी जी के नक़्शे क़दम पर कीजिये. अहिंसा ही सब से बड़ा हथियार है. हमारी लड़ाई किसी पुलिस कर्मी से नहीं... वो भी आप की तरह मजबूर ग़रीब है. वो अपनी नौकरी आपकी सुरक्षा के लिए कर रहा है. पुलिस वाले आप के दोस्त हैं...बिलकुल हिंसा मत कीजिये.
सौ बात की एक बात गांठ लीजिये कि अहिंसा रामबाण है. अहिंसा से तो गोरे अँगरेज़ भाग गए जो बहुत पढ़े लिखे विद्दवान थे... तो इन जाहिल गुंडे काले अंग्रेज़ो की क्या औक़ात है!
मेरा किसी हिन्दू भाई से कोई झगड़ा नहीं हैं. मैं वो हूँ कि मेरे इलाक़े में किसी की तबियत खराब होती है तो वह डॉक्टर से पहले मेरे घर आता है.
@MobeenJamei
Beshak hamari apsi mohabbat yun hi kayam rahe insaallha
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