छात्राओं, छात्र और आम जनता लोकतंत्र की घुसपैठिया फासीवाद सरकार के काले क़ानून यानी CAA2019+NRC+NRP= Divide and Rule के विरोध में सड़कों पर हैं. ये उसी असली हिंदुस्तान की तस्वीर है जो महावीर के उसूलों अहिंसा, अपरिग्रह, अनेकांतवा और 'जियो और जीने दो' के मूल विचारों के रंग में रंगी हुई है। जनता किसी भी क़ीमत पर सौ दो सौ साल पहले वाली ज़िन्दगी भूल जाइये...एक क़दम भी पीछे जाने को तैयार नहीं. हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सब एक साथ लामबंद हो कर बाबा साहेब के संविधान को बचाने के लिए ज़िन्दगी की आखिरी साँस और खून का आखिरी क़तरा तक निछावर करने को तत्पर हैं.
ये भारतीय इतिहास का सब से बड़ा आंदोलन है. महिलएं जो गृहणी हैं उनका जज़्बा क़ाबिल-ए-दीद है. ये संविधान के लिए कठिन वक़्त है इसी लिए इसे कोई बहन, कोई बीवी, कोई भांजी, कोई भतीजी और कोई मां ही बचा सकती है.
बीजेपी और उसके आक़ा एक बहुत बड़ी जनता को बेवक़ूफ़ समझते हैं जो कम पढ़ी लिखी है या पढ़ी लिखी तो है मगर पढ़ी लिखी जाहिल है. उसे अपने बारे में सोचने ही नहीं देते. जब भी वो कुछ कहने की कोशिश करती है तो उसे लॉलीपॉप दिया जाता है कि वो देखो! हम ने तुम्हारे फ़र्ज़ी दुश्मन की ऐसी की तैसी कर दी... फलस्वरूप वो फिर से सूझ बूझ छोड़ कर उसी बने बनाये जाल में फँस जाती है मगर कब तक... कभी तो वो पूछेगी की हमारा लाखों करोड़ का टैक्स क्या हुआ? रोटी, कपडा और माकन कहाँ है?
बताइये! आपके साथ UAE में कुछ ग़लत हुआ तो क्या आप यहाँ के लोगों से बदला लेंगे? सिर्फ इसलिए कि UAE में मुस्लिम ज़्यादा हैं जबकि हकीक़त ये है की यहाँ का मुस्लिम भारतीय है और उसकी भाषा, पहनावा, खान पान और रहन सहन वहां से अलग है. सिवाए इस बात के कि वो मुस्लिम है और UAE एक मुस्लिम बाहुल्य देश है कोई तुक नहीं है।
हिंदुस्तान के लिए मुसलानों ने क़ुर्बानिया दी हैं और संघर्ष किया है और 'जब तक है जां' करते रहेंगे।
सभी का ख़ून है शामिल यहां की मिट्टी में
किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है_राहत इंदौरी
देखिये! हम किसी को नागरिकता देने के खिलाफ नहीं नहीं हैं मगर धर्म के आधार पर किसी भी क़ानून को नहीं मानते. CAA2019,NRC और NPR
एक धोका है कयोंकि जब एक हिन्दू और एक मुस्लिम अपनी अपनी नागरिकता साबित करने में विफल हो जायेंगे तो CAA के सबब हिन्दू को नागरिकता मिल जाएगी मगर मुसलमान को डिटेंशन कैंप में रखा जायेगा और उस के तमाम अधिकार छीन लिए जायेंगे...वो अपने ही घर में बेघर हो जायेगा...!
जितना लोगों को बांटा जाएगा लोग उतना ही एक होते जाएंगे।अरे साहब! हमने आप पर थोड़ा भरोसा क्या किया आप ने तो अपना असली रंग ही दिखा दिया।
कितनी ही जानें ले लो...थोड़ी देर के लिए सन्नाटा हो जायेगा मगर सन्नाटा ही तो बड़े तूफान का पेशखेमा है।
ये आन्दोलन भारतीय नारी आन्दोलन है। घर घर फैल चुका है। इसे दबा पाना किसी के बस में नहीं...खुद फरेबी का जिगर रखने वाले...चाहे कितनी ही लोमड़ी की चाल चल लें।
याद रखिए! मैं एक इंसान हूँ...मुझसे ये नहीं पूछा गया था कि मैं किस देश और किस घर में पैदा होना चाहता हूँ. अगर मैं यहाँ हूँ तो वैसे ही हूँ जैसे आप हैं.
@MobeenJamei
Satya MeV Jayte
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