Wednesday, December 25, 2019

राज्यराम

हर वर्ष होने वाले रामलीला में राम का जो किरदार पेश किया जाता है उस से हर कोई, चाहे वो किसी भी धर्म का अनुयायी हो, प्यार करता है और मर्यादा परुषोत्तम श्री राम उस के लिए रहत का दूसरा नाम बन जाते हैं. निसंकोच जिस राम की लीला में पूरा हिंदुस्तान लीन हो जाता है वो सनातन के राम हैं...सब के राम हैं.

हाल ही में पूरे देश में 'CAA2019+NRC=?' के खिलाफ छात्राओं, छात्र और पूरी भारतीय जनता इस उद्देश्य के साथ कि हम इसे किसी भी कीमत पर नहीं मानेंगे...अपना शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन दर्ज करवा रहे हैं...जहां जहां गैर बीजेपी सरकारें हैं वहां कोई हिंसा या उपद्रव नहीं हुआ लेकिन जहां बीजेपी की सरकारें हैं वहां खूब हिंसा हुई...जिस तरह से पुलिस का इस्तेमाल 'पार्टी बॉय' की तरह किया गया है वो राम के नाम पर एक ध्ब्बा है। 

कितने ही घर उजड़ गए. बूढ़े मां बाप बे सहारा हो गए...देख कर कलेजा मुंह को आता है।
जिस तरह से वीडियो सामने आए हैं उनसे साफ है कि यूपी में सबसे ज़्यादा हिंसा हुई है। रात में सीसीटीवी कैमरे तोड़ना घरों के अंदर घुस कर सामान तोड़ना और तबाही मचाना किस के आदेश पर हुआ?

पुलिसकर्मी बड़ी मुश्किल से हाई स्कूल और इंटर पास होते हैं और कई तो फर्जी मार्कशीट पर नौकरी कर रहे हैं. इन का बर्ताव हैवानों जैसा ही रहेगा मगर डीजीपी, आईपीएस डीएम, एसडीएम और एसपी तो बहुत पढ़े लिखे हैं वो हमेशा ऐसे क्यों प्रदर्शित होते हैं कि देश की अंतरात्मा कहती है कि ये झूठ बोल रहे हैं। बलिया के डीएम साहब मिड डे मील के नाम पर नमक से रोटी खाते हुए बच्चों का वीडियो एक अखबार के पत्रकार द्वारा बनाए जाने पर कहते हैं कि वो प्रिंट के पत्रकार हैं...वो वीडियो कैसे बना सकते हैं? यूपीएससी क्लियर करने वालों का यही स्तर रहेगा तो फिर किसी और से क्या ही उम्मीद की जाए! क्या ये कहना ग़लत है कि आप सिलेबस रट कर किसी तरह क्वालीफाई कर गए हैं। मुझे पता है जब तक एग्जाम क्लियर नहीं हुआ रहता है तब तक गरीबों, देश और दुनिया के लिए अच्छे अच्छे काम करने की लच्छेदार बातें करते रहते हैं और जब एग्जाम क्लियर हो जाता है तो सब भूल कर घटिया  से घटिया नेता के आगे पीछे दुम हिलाते नजर आते हैं। क्या हो जाता है कोई नहीं जानता! अरे दम है तो वो करो जो करने के लिए अपने आपको इतना रगड़ा है!

उत्तर प्रदेश के सीएम श्री आदित्य नाथ योगी जी वही हैं जिनका रिकॉर्डेड बयान है कि मुस्लिम महिलाओं को क़ब्रों से निकाल कर रपे करो। मैं ने माननीय मुख्यमंत्री एवं योगी जी को संस्कृत के श्लोक पढ़ते कभी न तो देखा है और न ही सुना है मगर जब भी टीवी पर इन्हें बोलते हुए सुनता हूं तो लगता है कि छोटा 'स' और बड़ा 'श' दोनों एक हैं। 

जब से इन्हें यूपी की बागडोर मिली है तब से पूरे प्रदेश में जात पात के भेदभाव का बाज़ार गर्म है। सरकारी दफ्तरों में अपने अपने वर्चस्व के लिए ब्रह्मण और छत्रिय अलग लड़ रहे हैं तो ऐसे में बेचारे ओबीसी, एससी और एसटी को पूछता कौन है! आप गूगल कीजिए15 दिसंबर 2019 से अब तक फतहपुर और पीलीभीत समेत पूरे प्रदेश में कितनी बालिग और नाबालिग लड़कियों को रेप करने के बाद जिंदा जला दिया गया।
हिंदुत्व का राज्यराम यही है। इस में राज पहले राम बाद में ..."राज्यराम"

देश की हालत क्या है? अर्थ्यवस्था कहां जा रही है कुछ नहीं! बस एजेंडा चलते रहना चाहिए। राम मंदिर के निर्माण से सब से ज़्यादा नुकसान बीजेपी को हो रहा है। अब इनके पास कोई मुद्दा ही नहीं। जब साग, सब्ज़ी, आलू, प्याज़, दूध, डीजल, पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और नौकरियों की बात आती है तो जवाब में सिवाए "मन की बात" के कुछ भी नहीं है।

सनातन  के राम का रामराज्य समावेशी और सहिष्णु है...!!

ज़ुल्म से किसी को दबाया और मिटाया नहीं जा सकता...हो सकता है कि कुछ दिनों के लिए खामोशी छा जाए मगर...गौतम बुद्ध, महावीर स्वामी और अम्बेडकर  जैसी हस्तियां इस धरती पर जन्म लेती रहेंगी। 

कुछ लोग मुझे समझा रहे हैं कि तुम ने CAA को समझा नहीं है। हमें घुसपैठियों को बाहर निकालना है जो हमारा हक मार रहे हैं...तो सीधी सी बात है...जवाब दीजिए...पिछले पचास वर्षों से RAW, IB, ANI, CBI और अलग अलग राज्यों की सिक्योरटी एजेंसियां CID, LIU और पुलिस...सब मिलकर क्या अब तक घास छील रहे थे...! या इन में सब के सब गधे ही भर लिए गए हैं? आर्मी सहित कितनी लेयर है सिक्योरटी की...!! क्या ये पहचान नहीं कर सकते? अर्थव्यवस्था क्या होगी? ज़रा सोचिए! 1600 करोड़ सिर्फ 2.3 करोड़ की आबादी (असम) पर सरकारी यानी टैक्स का पैसा खर्च हुआ... कागजात बनवाने और दौड़ने धुपने में जनता का अपना अलग बेहिसाब पैसा लग गया तो एक सौ पैंतीस करोड़ की आबादी पर कितना खर्च होगा? करेप्शन कितना होगा? 

3000 दलितों ने इस्लाम धर्म अपनाने की घोषणा की

https://hindi.siasat.com/news/3000-dalits-set-accept-islam-after-nadur-wall-collapse-1164587/amp/

इसी तरह आप इलज़ाम लगाते हैं कि स्कूल और अस्पताल बनाकर...लालच देकर आदिवासियों को ईसाई बनाया जा रहा है। आप सुविधा क्यों नहीं देते और भेदभाव खत्म क्यों नहीं करते? वो इस लिए कि तुम्हे सनातन से कोई मतलब नहीं है।  तुम्हें हिंदुत्व चाहिए ताकि वर्चस्व बना रहे!...अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता! आप ने कभी सनातन धर्म की सुरक्षा की ही नहीं बल्कि धर्म का नाम लेकर अपने वर्चस्व और झूठे आन बान शान की सुरक्षा की है। आप दुनिया ही को नहीं अपने आप को भी धोका दे रहे हैं।

क्या अवैध शरणार्थियों से निपटने और नागरिकता देने के लिए हमारे पास पहले से मौजूद पर्याप्त क़ानून नहीं है? क्या पहले किसी को नागरिकता नहीं दी गई?? अगर हां, तो फिर इतना तांडव मचाने की क्या ज़रूरत है। स्वास्थ्य, शिक्षा और नौकरी की हालत पहले से ही खराब है। जिसे आप नागरिक बनाएंगे उसे क्या देंगे? केंद्र सरकार से बड़ी भारत में कोई अथॉरिटी है क्या? अगर नहीं तो जिसे देना है दो मगर संविधान को बख्श दो। बड़ी मुश्किल से देश कुछ आगे बढ़ पाया है मगर अब ऐसा लगता है कि सब कुछ चौपट हो जाएगा...इसी लिए आप सभी लोगों से हाथ जोड़कर अपील है कि कुछ सोच समझ से काम लीजिए... संविधान बचा लीजिए...देश बचा लीजिए। CAA दरअसल संविधान बदलने की देरीना कोशिशों का खुल्लम खुल्ला प्रदर्शन है।

फौज तुमने लगाई है किस काम पर

बरबरियत ने जिस की बिगाड़े हैं घर

लाठियां जिसकी चलतीं खवातीन पर

अब सितम के ये मौके मिलेंगे नहीं 

हम रुकेंगे नहीं, हम झुकेंगे नहीं

तुम डराते रहो हम डरेंगे नहीं...!!!

जय हिन्द...जय संविधान

@MobeenJamei

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